मथुरा, अप्रैल 5 -- केशव धाम प्रबंध समिति के तत्वावधान में केशव धाम में भागवताचार्य कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी के पावन सान्निध्य में आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ का रविवार को मंगलय पूर्ण विश्राम भी हो गया। अंतिम दिवस सुदामा चरित्र का श्रवण करते हुए व्यासपीठ से कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी ने कहा कि विप्र सुदामा महाराज दरिद्र नहीं अपितु आत्मसंतुष्ट अथवा जितेंद्रिय ब्राह्मण भे। भागवत जैसा ग्रंथ एक दरिद्र को प्रसन्नात्मा जितेंद्रिय शब्द से कभी भी अलंकृत नहीं कर सकता है। सुदामा पेट के लिए नहीं अपितु आत्मा के लिए अथवा तो उस परमात्मा के लिए ही अपना जीवन जीते थे। उन्होंने बताया कि बहुत ऐश्वर्य भी आपको जितेंद्रिय नहीं बनाता अपितु आपकी आपकी आत्मसंतुष्टि आपको जरूर जितेंद्रिय बना देती है। जो जितेंद्रिय बन जाता है, वही परम ऐश्वर्यवान भी बन जाता ह...