रामपुर, फरवरी 26 -- धार्मिक मत है कि रमजान महीने में रोजे रख परवर दिगार की इबादत करने और दान करने से बंदे पर अल्लाह यानी खुदा की रहमत बरसती है। उनकी रहमत से बंदे में ईमान जागता है। बंदा नेकी की राह पर चलकर लोगों की मदद करता है। इस महीने में जरूरतमंदों की दिल से मदद करनी चाहिए। इस्लाम धर्म में पुण्य काम की प्रधानता है। इसके लिए रमजान के महीने में लोग एक दूसरे की मदद करते हैं। साथ ही हर्षोउल्लास के साथ रमजान मनाया जाता है। इस महीने में नेकी करने का फल कई गुना मिलता है। यह सिर्फ भूख और प्यास सहन करना नहीं है, बल्कि बुरे विचारों, क्रोध और अन्य नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाना है। इससे इंसान में सहानुभूति और करुणा का विकास होता है। रमजान में लगातार इबादत, कुरान का पाठ और तौबा (प्रायश्चित) से दिल की सफाई होती है। यह महीना आत्मविश्लेषण का अवसर देत...