गिरडीह, सितम्बर 22 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का संदेश देनेवाला दशलक्षण पर्व श्री सम्मेदशिखरजी तीर्थराज मधुबन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दशलक्षण पर्व के छठे दिन सोमवार को जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम संयम धर्म का पालन किया। यह भी पढ़ें- अष्ट कर्मों के क्षय की कामना से मनाया गया धूप दशमीउत्तम संयम धर्म का पालन साधु-संतों के सानिध्य में मधुबन स्थित विभिन्न जिनालयों में पूजा-अर्चना, अभिषेक और शांतिधारा सहित विविध धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोष से पूरा मधुबन आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा। उत्तम संयम धर्म की महत्ता बताते हुए साधु संतों ने कहा कि संयम केवल बाहरी नियमों का पालन नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म को अनुशासित करने की साधना है। मनुष्य की इच्छाएं औ...