लखनऊ, अप्रैल 6 -- भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में राज बिसारिया प्रेक्षागृह में दिल्ली के क्षितिज थिएटर ग्रुप द्वारा नाटक पूर्णावतार का प्रभावशाली मंचन किया गया। प्रमथनाथ बिशी के मूल उपन्यास पर आधारित इस प्रयोगात्मक नाटक का नाट्य रूपांतरण और निर्देशन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी भारती शर्मा ने किया है।करीब 1 घंटा 45 मिनट की इस प्रस्तुति की कहानी जरा नामक एक शिकारी की अन्तर्मन की यात्रा पर आधारित है। वह अनजाने में अपने ही सौतेले भाई भगवान कृष्ण की मृत्यु का कारण बन जाता है, जिसके बाद वह गहरे अपराधबोध और मुक्ति की बेचैन खोज में निकल पड़ता है। नाटक का मुख्य संदेश यह है कि पलायन केवल एक भ्रम है और मनुष्य को शांति तभी मिलती है जब वह अपने भीतर के सत्य का सामना करता है। समय के भेद को मिटाकर भूत, वर्तमान और भवि...