मुजफ्फरपुर, मई 10 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले की डेढ़ लाख महिलाएं अलग-अलग उद्यमों से जुड़कर आर्थिक और सामाजिक तस्वीरें बदल रही हैं। इनके कारण परिवार और समाज के बेटों का परदेस पलायन भी थमा है। अपने हुनर से इन्होंने दर्जनों को रोजगार दिये। खेती में भी ये महिलाएं बड़ी लकीरें खींच रही हैं। यह भी पढ़ें- आत्मनिर्भर बनीं मां बदल रहीं परिवार और समाज70 साल की उम्र में एक मां बनीं उद्यमी चाची सरैया प्रखंड की रुपौली पंचायत के रुपौली कांटी गांव की रहने वाली 70 वर्षीय शकुंतला देवी ऐसी मां हैं, जो इस उम्र में उद्यमी चाची बन गांव के लोगों को भी रोजगार दे रही हैं। कम उम्र में शादी और पति के स्वर्गवास ने इन्हें अंदर से तोड़कर रख दिया था। दो बच्चों की परवरिश के लिए वह घर से बाहर निकलीं और दूध बेचने का काम करने लगीं। दो गायों से एक छोटी सी डेयरी शुरू...