नई दिल्ली, जुलाई 15 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने द रेजिस्टेंस फ्रंट आतंकी संगठन के एक कथित कार्यकर्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने उसके प्रभाव व सबूतों से छेड़छाड़ की प्रबल संभावना को रेखांकित किया है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने कहा कि आरोपी अरसलान फिरोज अहेंगर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। पीठ ने कहा कि उसने आतंकियों की तस्वीरें पोस्ट कीं और लोगों को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया। पीठ ने कहा कि साक्ष्यों के मुताबिक उसने स्वयं आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसी आधार पर 20 वर्षीय आरोपी को जमानत देने से इनकार किया जाता है। निचली अदालत ने भी आरोपी की सितंबर 2024 में जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसी आदेश को आरोपी अहेंगर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने भी आरोपी को क...
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