नई दिल्ली, जुलाई 8 -- कल्पना कीजिए 1980-90 के दशक का पंजाब। सड़कों पर खून बह रहा है। स्कूल-कॉलेज बंद, खेत सूने पड़े हैं। हर दिन अखबारों में नई खबर- किसी पुलिस अधिकारी की हत्या, किसी गांव में बम ब्लास्ट, या फिर किसी युवक का 'एंकाउंटर'। एक तरफ खालिस्तानी आतंकवादी पाकिस्तान से हथियार और ट्रेनिंग लेकर भारत को तोड़ने पर आमादा। दूसरी तरफ राज्य की पुलिस और सरकार, जो किसी भी कीमत पर शांति लाना चाहती है। और इस जंग के बीच खड़ा है एक आदमी- कंवर पाल सिंह गिल यानी केपीएस गिल। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया है। इस फिल्म का पुराना नाम 'Punjab 95' था। भारत सरकार के कथित निर्देश के बाद उठाए गए इस कदम ने एक बार फिर 90 के दशक के पंजाब और तत्कालीन पुलिस प्रमुख ...