आठ माह में 504 को सांप ने काटा, तीन की हुई मौत
अंबेडकर नगर, अगस्त 21 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। बारिश के मौसम में जीव जंतुओं के बाहर निकलने व आबादी के बीच में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेष तौर पर जहरीले सर्प बिल से बाहर आकर लोगों को शिकार बनाते हैं। सांप के काटने पर अगर झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ कर सीधे अस्पताल पहुंच जाएं तो जान बचाया जा सकता है। सर्प काटने के आंकड़े बताते हैं कि अगर सर्प दंश के मामले में लापरवाही न हो तो जान नहीं जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में इस साल 2026 जनवरी से बीते 18 अगस्त तक 504 लोग सांप के शिकार हुए। यह भी पढ़ें- पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 18 से अधिक प्रजातियों के सर्प, रहें सावधान स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार इसमें से सिर्फ एक की ही मौत हुई है। हालांकि आम लोग सरकारी आंकड़े को सिरे से नकारते हैं। उनके अनुसार सांप के काटने से मरने वालो...
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