कानपुर, सितम्बर 24 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। उत्तर भारत के पहले आवासीय श्रमिक प्रशिक्षण केंद्र की योजना आठ माह बाद भी कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। आठ माह पहले प्रमुख सचिव श्रम ने प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था, लेकिन अब तक केंद्र की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तक तैयार नहीं हो सकी है। हॉस्टल में कितने बेड होंगे, यह भी तय नहीं है। ऐसे में विदेश में निर्माण श्रमिक के तौर पर नौकरी कर बेहतर कमाई का सपना देख रहे युवाओं को प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने का इंतजार है। श्रम विभाग ने कानपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आवासीय प्रशिक्षण केंद्र बनाने का निर्णय लिया था। इसे उत्तर भारत का पहला ऐसा केंद्र बताया गया है, जहां निर्माण श्रमिकों को विभिन्न ट्रेड में शॉर्ट टर्म कोर्स के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद सेवायोजन विभ...