जौनपुर, मई 29 -- जलालपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के मोजरा गांव में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय राम कथा के आठवें दिन कथा पंडाल का माहौल पूरी तरह राममय और भावुक हो उठा, जब व्यासपीठ पर बैठे पुरुषोत्तम दास महाराज ने प्रभु राम की पावन वनगमन लीलाओं का रसपान कराया। कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ प्रभु के भजनों और प्रसंगों पर झूमती नजर आई। ​बताया कि जब प्रभु राम माता-सीता की खोज में आगे बढ़े तो वे सती अनसुइया के पवित्र आश्रम पहुंचे, जहां माता अनसुइया ने सीता को पातिव्रत धर्म का उपदेश दिया। यह भी पढ़ें- त्रेता युग में भाई विपत्ति का करता था बंटवारा:मानस किंकर नीरजा नंद कथा का क्रम इसके बाद कथा का क्रम अगस्त्य मुनि से मुलाकात पर पहुंचा, जहां मुनि ने प्रभु को दिव्य अस्त्र-शस्त्र भेंट किए। महराज ने जयंत के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज...