उरई, नवम्बर 30 -- आटा कस्बे में पेयजल संकट तीन दिन तक लोगों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है। जल संस्थान की लापरवाही के चलते मुख्य नलकूप की मोटर फूँकने के बाद उसकी मरम्मत में पूरे 72 घंटे लग गए। इस दौरान करीब 15 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होती रही। आटा कस्बे में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही है जिससे लोकल स्तर पर हाहाकार जैसी स्थिति बन गई। नलकूप बंद होने के बाद लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर हैंडपंपों, सार्वजनिक चौराहे और पुराने कुओँ की ओर दौड़ते दिखाई दिए। कई स्थानों पर हैंडपंपों पर इतनी भीड़ रही कि एक बाल्टी पानी के लिए 20-25 मिनट इंतजार करना पड़ रहा था। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाई झेलनी पड़ी। घरों में पानी खत्म होने के कारण खाना बनाना, बर्तन धोना और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी बेहद मुश्किल हो गया।...
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