आज ही के दिन...1968
नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- अपोलो-7 ने खोला था चांद तक जाने का रास्ता अपोलो-7 नासा के अपोलो कार्यक्रम का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन था। इसे 11 अक्टूबर 1968 को लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि अंतरिक्ष यात्रियों को चांद तक ले जाने के लिए बनाया गया अंतरिक्षयान भरोसेमंद है या नहीं।- मिशन की कमान वॉल्टर शिरा के पास थी। डॉन आइजल कमांड मॉड्यूल पायलट थे और वॉल्टर कनिंघम तीसरे सदस्य थे।- इसके एक साल पहले हुई अपोलो-1 दुर्घटना के बाद यह नासा का पहला मानवयुक्त अपोलो मिशन था।- अपोलो-7 ने पृथ्वी की कक्षा में करीब 11 दिन बिताए। इस दौरान यान की कमांड, इंजन और दूसरे सिस्टम की जांच की गई।- इसका उद्देश्य चांद तक जाने और सुरक्षित लौटने की तकनीक को परखना था।- इस अंतरिक्षयान से पहली बार लाइव टेलीविजन प्रसारण भी किया गया था।- दिसंबर 1968 म...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.