आज से शुरु हो रहा अधिक मास, 15 जून को होगा समाप्त
मेरठ, मई 16 -- आज से अधिकमास का प्रारंभ हो रहा है, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है। सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच दिनों के अंतर को पाटने के लिए हर तीन साल में आने वाला यह अतिरिक्त महीना आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। ज्योतिषों के अनुसार इस पूरे महीने में मांगलिक कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश) वर्जित रहेंगे, लेकिन जप, तप, तीर्थ यात्रा और दान-पुण्य करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होगी। ज्योतिष अन्वेषक अमित गुप्ता के अनुसार पुरुषोत्तम मास 17 मई से 15 जून के बीच होगा। इस माह में जप तप पूजा दान यग्न कथा श्रवण का बहुत अधिक महत्त्व होता है। पुरुषोत्तम मास में सांसारिक भोगों को संयमित रखें, तामसिक आहार का त्याग करें। मन, वाणी पर संयम रखें। विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और कथा श्रवण को पुरुषोत्तम मास में विशेष ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.