आज से खुलेगा पितरों का द्वार, दक्षिण दिशा में तर्पण का विशेष महत्व
अलीगढ़, सितम्बर 26 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। पितृपक्ष की शुरुआत आज के पूर्णिमा श्राद्ध से होगी। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के समापन होगा। पितृ पक्ष में दक्षिण दिशा की ओर मुख कर तर्पण करने की परंपरा है। इस दिशा का बड़ा महत्व है। ये दिशा पितृलोक से जुड़ी मानी जाती है।ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा का संबंध यमराज और पितृलोक से जोड़ा गया है। इसी वजह से दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा कहा जाता है। श्राद्ध और तर्पण जैसे कर्मों के दौरान दक्षिण दिशा की ओर मुख करने की परंपरा इसी धार्मिक मान्यता से जुड़ी हुई है। यह भी पढ़ें- अनंत के बाद पितरों का स्मरण, शनिवार से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष हिंदू परंपरा में दिशाओं को केवल दिशा के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि उनका संबंध अलग-अलग देवी-देवताओं और आध्य...
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