एटा, जून 25 -- एटा, मोहब्बत और शहादत का महीना मोहर्रम अकीदत और शिद्दत के साथ मनाया जा रहा है। नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की करबला में हुई शहादत की याद में माहौल पूरी तरह गमगीन है। शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अकीदतमंदों ने बेहद खूबसूरत और एक से बढ़कर एक ऊंचे ताजिए सजाए हैं। मोहर्रम की नौवीं तारीख में शहर के चोक-चौराहों और इमामबाड़ों में ताजियों को अवाम के जियारत के लिए रख दिया गया है। शहर के होली मोहल्ला, किदवई नगर, पटियाली गेट और मारहरा दरवाजा जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में कारीगरों द्वारा की गई बेहतरीन नक्काशी और रोशनी से जगमगाते ताजिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन ताजियों को देखने के लिए देर रात तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग मन्नतें मांग रहे हैं और बच्चों को ताजियों के नीचे से गुजारकर द...