आज बुद्ध और कबीर के विचारों की सबसे अधिक जरूरत
वाराणसी, जुलाई 25 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आषाढ़ पूर्णिमा, भगवान बुद्ध के उपदेश दिवस (धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस) के अवसर पर आयोजित दस दिवसीय धम्मचारिका यात्रा का छठा पड़ाव लहरतारा स्थित संत कबीर की प्राकट्य स्थली में हुआ। यहां बुद्ध और कबीर की वाणी सुनाई गई। इस मौके पर महंत गोविन्ददास शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में भगवान बुद्ध और संत कबीर के विचारों को आत्मसात करने की अधिक आवश्यकता है। उनके सत्य, प्रेम, करुणा और मानवता के संदेश समाज को सही दिशा दिखाते हैं। डॉ. भागीरथी दास और भिक्षु चन्दिमा थेरो ने 'अप्प दीपो भव' का संदेश दिया। ताना-बाना ग्रुप के गायक देवेंद्र दास देव ने कबीर वाणी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। धम्मचारिका यात्रा में 300 बौद्ध भिक्षुओं, 200 उपासक-उपासिकाओं सहित करीब 500 लोग शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्...
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