आज तक नहीं मिली नौकरी, पेंशन से ही गुजारा
बांदा, अगस्त 14 -- बांदा। शहर के बंगालीपुरा निवासी रन्नों शहीद ओम प्रकाश की पत्नी हैं, जिनका जीवन कांटो के ताज से कम नहीं रहा। पति शादी के बाद तुरंत ही शहीद हो गए और उनका गौना भी नहीं हो पाया था। ससुराली जनों की यातनाएं सहीं, फिर उन्हें निकाल दिया गया किसी तरह उन्हें पेंशन का हक मिला पर नौकरी नहीं मिल सकी। वह बताती हैं कि ओम प्रकाश 14 नवंबर 1969 को सेना में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे । 1971 में बांग्लादेश इंडो पाक युद्ध में 28 सितंबर 1971 में शहीद हो गए। उनकी तैनाती 18 राजपूत रेजीडेंसी में। यह भी पढ़ें- बेंदा व जौहरपुर में पनप रहा देश सेवा का भावरिश्तेदारों की सहानुभूति यह भी पढ़ें- Independence Day: यूपी के इन गांवों के हर घर में सैनिक! सेना में भर्ती होना युवाओं की पहली पसंद यह भी पढ़ें- Banda News: जरा याद करो कुर्बानी: स्मारक बना न बेट...
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