आज का सुविचार: सूरज और चांद दोनों चमकते हैं, लेकिन अपने-अपने समय पर
नई दिल्ली, मई 7 -- Aaj ka Suvichar 8 May 2026, Thought of the day: अक्सर हम जीवन को बाहरी वस्तुओं, पद-प्रतिष्ठा और दूसरों की सराहना में खोजते हैं। लेकिन सत्य यह है कि संसार का सबसे लंबा और महत्वपूर्ण सफर 'स्वयं से स्वयं तक' का होता है। आज का सुविचार इसी आत्म-बोध और नजरिए के बदलाव पर केंद्रित है। हम जैसा सोचते हैं, हमारा संसार वैसा ही रूप ले लेता है। यदि हमारे भीतर शांति है, तो मरुस्थल में भी हरियाली दिख सकती है, और यदि भीतर अशांति है, तो महल भी कारागार जैसा प्रतीत होता है। परिवर्तन संसार का नियम है, लेकिन सुधार स्वयं का निर्णय है। अपनी सोच को पंख दें ताकि आप समस्याओं के ऊपर उड़ सकें, उनके नीचे दबकर नहीं। जीवन में आने वाली परिस्थितियां हमारे कंट्रोल में नहीं होती, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अक्सर हम समस्या...
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