सिद्धार्थ, फरवरी 18 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। रमजान माह का चांद देखने के लिए बुधवार शाम को मुस्लिम समुदाय के लोगों की निगाहें आसमन पर टिकेंगी। चांद दिखते ही इबादत का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाएगी। पहला रोजा गुरुवार को होगा। अगर बुधवार को चांद का दीदार नहीं होता है तो पहला रोजा शुक्रवार को होगा। इस्लाम धर्म में जिन पांच चीजों को हर मुसलमान पर फर्ज किया गया है उसमें रोजा भी शामिल है। एक माह तक चलने वाले रोजा को हर किसी को रखना अनिवार्य होता है। अगर कोई रोजा नहीं रखता है तो अल्लाह की नजर में बड़ा गुनहगार होता है। बीमारी के हालत में रोजा नहीं रख सकता है लेकिन इसे ठीक होने के बाद भले ही रमजान माह समाप्त हो जाए रखना अनिवार्य होता है। इस्लाम में चांद दर्शन से ही त्योहार मनाया जाता है। चांद कभी 29 तो ...