आगरा, अप्रैल 4 -- वर्षों की उपेक्षा के बाद अब आयुर्वेद के प्रति सकारात्मक वातावरण बन रहा है और आज पूरी दुनिया आयुर्वेद की ओर देख रही है। यह विचार राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के विभाग संघ चालक एटा उमाशंकर शर्मा ने व्यक्त किये। श्री शर्मा शुक्रवार को कलावती आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर गोहरा के व्याख्यान हॉल में आयोजित विश्व आयुर्वेद परिषद की महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। शर्मा ने कहा कि वर्ष 1997 में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ओमप्रकाश द्वारा विश्व आयुर्वेद परिषद का गठन आयुर्वेद के पुनर्जागरण के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि यह संगठन किसी अधिकार की लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि आयुर्वेद को पुनर्स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है। मुख्य वक्ता डॉ. निधि शर्मा ने आयुर्वेद की प्रा...