नई दिल्ली, फरवरी 17 -- 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। इस दिन धार्मिक कामों को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि पूजा-पाठ होगी या नहीं, सूतक लगेगा या नहीं और क्या मंदिर बंद रहेंगे। अमावस्या के दिन परंपरा के मुताबिक सुबह स्नान-दान किया जाता है और पितरों की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्म किए जाते हैं। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा, जिस वजह से भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। यानी पूजा-पाठ, स्नान-दान, पितृ तर्पण और श्राद्ध जैसे काम सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और घरों में रोजमर्रा की पूजा पर भी कोई रोक नहीं रहेगी। स्नान-दान आज यानी 17 फरवरी को- इस साल फाल्गुन अमावस्या की तिथि 16 फरवरी, सोमवार की शाम 5 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 17 फर...