आज्ञाकारी पत्नी बनने के लिए अपना करियर क्यों छोड़े औरत, सुप्रीम कोर्ट की 2 टूक; क्या था मामला?
नई दिल्ली, मई 14 -- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादी के बाद महिलाओं के अधिकारों को लेकर कुछ अहम टिप्पणियां की हैं। SC ने इस बात पर जोर दिया है कि एक पढ़ी-लिखी और कामकाजी महिला से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह शादी के बाद अपनी पहचान और करियर की बलि दे दे। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि अगर कोई महिला अपने करियर के लिए पति से अलग रह रही है, तो उसे क्रूरता नहीं माना जा सकता। SC में एक डेंटिस्ट पत्नी और एक आर्मी ऑफिसर के बीच चल रहे विवाद पर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सिर्फ महिला से त्याग माने जाने की सोच को दकियानूसी बताया। पीठ ने कहा, "यह उम्मीद करना कि महिला हमेशा अपने करियर का त्याग करे और एक 'आज्ञाकारी पत्नी' की पारंपरिक छवि में सिमट कर रहे, यह एक पुरानी और दक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.