आजीविका मिशन ने महिलाओं को बनाया सेल्फ-रिलायंट, गांव की इकॉनमी को मिली नई ताकत
नई दिल्ली, जुलाई 7 -- गांव की महिलाएं हमेशा मेहनत करती रही हैं। घर संभालना, खेत में मदद करना, पशु देखना, बच्चों की पढ़ाई का ध्यान रखना और परिवार की जरूरतों को पूरा करना, ये सब उनकी रोज की जिंदगी का हिस्सा रहा है। लेकिन लंबे समय तक उनकी मेहनत को कमाई और पहचान से नहीं जोड़ा गया। आजीविका मिशन ने इसी सोच को बदलने का काम किया है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का फोकस ग्रामीण गरीब महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप से जोड़ना, उन्हें फाइनेंशियल सर्विस, स्किल, आजीविका और सामाजिक सपोर्ट देना है। यूपी में सेल्फ हेल्प ग्रुप ने महिलाओं को केवल बचत करना नहीं सिखाया, बल्कि उन्हें मीटिंग में बोलना, बैंक से बात करना, लोन लेना, छोटा बिजनेस शुरू करना, मार्केट समझना और परिवार की कमाई में भागीदारी करना भी सिखाया।छोटी बचत से बड़ा कॉन्फिडेंस ...
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