कानपुर, जनवरी 22 -- कानपुर देहात, संवाददाता। वर्ष1857 में आज़ादी की चिंगारी भड़की तो जिले के जांबाजों ने भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। देश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए रियातसतदारों के साथ ही गांवों से भी लोग मैदान में कूद पड़े। इसमें मंगलपुर क्षेत्र के सबलपुर गांव की अहम भूमिका रही है।अंग्रेजी सेना ने यहां के 13 क्रांतिकारियों को पकड़ कर गांव में नीम के पेड़ से फांसी पर लटका दिया था,उनकी याद में बना शहीद स्मारक आज भी आजादी के दीवानों की शहादत की याद दिलाता है। देश से अंग्रेजों को भगाने की 1857 में शुरू हुई मुहिम की चिंगारी हर जगह फूट चुकी थी। जिले के रियासतदारों व क्रांतिकारियों की ओर से आजादी की जंग का ऐलान होते ही लोग घरों से निकलकर भारत मां को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने का बीड़ा उठा चुके थे। इसमें मंगलपुर क्षेत्र...
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