आजादी के 76 साल बाद भी नाव और चचरी पुल के सहारे जिंदगी, टीकारामपुर के लोग विकास से कोसों दूर
मुंगेर, जून 8 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। मुंगेर सदर प्रखंड की टीकारामपुर पंचायत के हजारों लोगों के लिए आजादी का अमृतकाल भी राहत लेकर नहीं आया। आजादी के 76 साल बाद भी यहां के ग्रामीण बुनियादी आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। बूढ़ी गंडक नदी के उस पार मानसी बाजार तक पहुंचने के लिए लोगों को रोज मौत से जुआ खेलना पड़ता है। ---
बाढ़ में नाव, सुखाड़ में चचरी पुल ही सहारा : ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में बूढ़ी गंडक उफान पर रहती है। तब मानसी से टीकारामपुर आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बचती है। छोटी-छोटी डगमगाती नावों में जान हथेली पर रखकर स्कूली बच्चे, बीमार और बुजुर्ग सफर करते हैं। वहीं सुखाड़ के दिनों में बांस-बल्ली से बनी अस्थायी चचरी पुल पर चढ़कर लोग नदी पार करते हैं। जर्जर चचरी पुल पर पैर रखते ही वह हिलने लगता है। हर कदम पर गिरने का ...
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