चित्रकूट, अगस्त 13 -- चित्रकूट। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में प्राकृतिक सौन्दर्य व अलौकिक छटा बिखेर रही देवांगना घाटी जंगे आजादी की गवाह है। यहां पर घनघोर जंगल के साथ कई गुप्त गुफाएं है। इसी घाटी में छिपे आजादी के मतवालों ने अंग्रेजों की सेना पर तोपों से गोले और बंदूकों से गोलियां बरसाई थी। इस संग्राम में स्वतंत्रता सेनानियों ने करीब दो सौ अंग्रेजों का मार गिराया था। जिनमें कई कैप्टन स्तर के अधिकारी भी मारे गए थे। स्वतंत्रता संग्राम में धर्मनगरी चित्रकूट का भी अलग इतिहास रहा है। उस दौरान मराठा शासक पेशवा राजा नारायण राव यहां के शासक हुआ करते थे। यह भी पढ़ें- झुनारे रावत ने तीन सौ सैनिकों संग अंग्रेजीफौज पर बोला था हमला, हुई थी भारी क्षति 1857 की क्रांति जब भड़की तो पेशवा शासकों ने यहां पर अगुवाई की। अंग्रेजों के खिलाफ पेशवाओं ...