रामपुर, जून 25 -- पचास हजार रुपये 36 वर्ष पूर्व शुरू हुए मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट में अब तक अरबों रुपये का लेनदेन हो चुका है। महज कुछ ही साल के लेखा-जोखा में 59.25 करोड़ का घपला उजागर हुआ है। ऐसे में आयकर और ईडी की जांच का दायरा बढ़ना तय माना जा रहा है। जिससे ट्रस्ट की मुश्किलें और बढ़ना लाजमी है। गुरुवार को आयकर विभाग के शिकंजे के बाद पर्तें खुलनी शुरू हो गई हैं। सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां ने वर्ष 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण कराया था, जिसमें आजम खां खुद संस्थापक/अध्यक्ष बने थे। जबकि अपने परिवार और खास लोगों को अलग-अलग पदभार दिए थे। उस वक्त ट्रस्ट में मुश्ताक अहमद सिद्दीकी उपाध्यक्ष, आजम की पत्नी डा. तजीन फात्मा सचिव, आजम के बेहद करीब नसीर अहमद खां संयुक्त सचिव, बहन निकहत अफलाक कोषाध्यक्ष, जबकि दोनों बेटे ...