रामपुर, अप्रैल 11 -- एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा होते ही सियासी हल्कों में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष एसआईआर में वोटों की कटौती और बढ़ोत्तरी पर संतुष्ट है, वहीं विपक्ष उसी भूमिका में शुक्रवार को नजर आया, जैसा एसआईआर की शुरुआत में था। विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि भाजपा जो चाहती थी, वही हुआ। आगामी विस चुनाव में एसआईआर का असर साफ दिखाई देगा। मालूम हो कि रामपुर में 2.16 लाख वोट कट गए हैं। सर्वाधिक, सपा के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खां की कभी परंपरागत सीट कहे जाने वाले रामपुर शहर विस क्षेत्र में 72 हजार वोट कटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 के विस चुनाव में हार-जीत का अंतर घट जाएगा।यूं तो रामपुर में शहर, स्वार, चमरौआ, मिलक और बिलासपुर पांच विधानसभा सीटें हैं। लेकिन, दो स...