आजमगढ़, मई 25 -- आजमगढ़, संवाददाता। अर्द्ध सैनिक बल में फर्जी दस्तावेज से नौकरी दिलाने वाले गिरोह का नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला है। गिरोह के सदस्य फर्जी अभिलेख तैयार कराने के एवज में युवाओं से मोटी रकम वसूलते थे। यह सौदा सात से दस लाख में होता था। रानी की सराय थाने में 23 मई को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में गिरोह की पोल खुलने लगी। रानी की सराय क्षेत्र में करीब 15 साल से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अर्द्ध सैनिक बल में भर्ती कराने का खेल चल रहा है। यह सिंडिकेट जनपद से लेकर असम, त्रिपुरा, अरूणांचल तक फैला है। फर्जीवाड़े से भर्ती कराने में लगे गिरोह ने काफी संख्या में युवाओं को भर्ती कराया। इस बार निवास प्रमाण पत्र के सत्यापन में पेच फंस गया तो मामले परत दर परत खुलने लगी। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। अर्द्...