आजमगढ़, फरवरी 17 -- उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ के मुबारक पुर में करीब तीन दशक पहले भड़की सांप्रदायिक हिंसा और नृशंस हत्याकांड के मामले में न्याय की जीत हुई है। मुबारकपुर में 27 साल पहले हुए चर्चित शिया-सुन्नी दंगे के दौरान एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने मंगलवार को इस मामले के 12 दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। यह मामला न केवल लंबे समय तक चला, बल्कि इसने उस दौर में आजमगढ़ की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया था। 27 सालों के लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले ने पीड़ित परिवार को आखिरकार सुकून दिया है।मोहर्रम के जुलूस से शुरू हुआ था खूनी खेल इस पूरी घटना की शुरुआत 27 अप्रैल 1999 को हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुबारकपुर थाना क्षेत्र ...