बहराइच, मार्च 11 -- मिहींपुरवा,संवाददाता। चार दिन पूर्व सात वर्षीय बच्चे की जान लेने वाला तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। रात 12 बजे के आसपास वह शिकार के लिए उसी स्थान पर आया था जहां से उसने बच्चे को खींचा था। वहीं लगे पिंजरे में शिकार के लिए घुसा तो कैद हो गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। तेंदुए को उसके प्राकृतिक वास में दूर जंगलों में छोड़ दिया गया। सुजौली थाना क्षेत्र के कारीकोट ग्राम पंचायत के आजमगढ़पुरवा गांव में यह हादसा हुआ था। इसी के साथ इसी गांव के आसपास भट्ठा बरगदपुरवा में एक युवक पर भी हमला बोलकर घायल किया था। कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग के निशान गाड़ा रेंज अंतर्गतगत आजमगढ़पुरवा तथा भट्ठा बरगदपुरवा में वन विभाग द्वारा पिंजड़ा लगाया गया था। तीन दिनों तक चकमा देने के बाद चौथे दिन देर रात अंधेरे में शिकार की तलाश में भट्...