वाराणसी, जुलाई 16 -- वाराणसी। बीएचयू अस्पताल के डॉक्टर लाउंज में बुधवार को आचार्य सुश्रुत की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि सुश्रुत संहिता में अष्टविध शस्त्रकर्म, व्रण प्रबंधन, अग्निकर्म, क्षारकर्म, रक्तमोक्षण और मर्म चिकित्सा का विस्तृत वैज्ञानिक वर्णन है। उन्होंने कहा कि नाक के पुनर्निर्माण (राइनोप्लास्टी) की आचार्य सुश्रुत की तकनीक आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी की आधारशिला मानी जाती है। यही कारण है कि विश्व चिकित्सा जगत आज भी आचार्य सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक स्वीकार करता है। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों की बेहतर देखभाल पर चर्चा के साथ संस्थान के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को 'आचार्य सुश्रुत सम्मान' से सम्मानित किया गया। इसमें पूर्व चिकित्सा अधीक्षक (सेव...