आचार्य वासुदेव शरण के संस्कृति चिंतन पर विमर्श
वाराणसी, अक्टूबर 7 -- वाराणसी। बीएचयू में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'वासुदेव शरण अग्रवाल : कला, इतिहास और जनपदीयता' के तीसरे और अंतिम दिन तीन सत्रों में आचार्य अग्रवाल के साहित्य, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्व संबंधी चिंतन पर विमर्श हुआ। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. माधव हाड़ा का प्रो. प्रभाकर सिंह और डॉ. निशांत ने अभिनंदन किया। समापन सत्र की अध्यक्षता जयप्रकाश विवि (छपरा) के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने की। मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव और कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी रहे। सारस्वत अतिथि डॉ दयानिधि मिश्र और विशिष्ट अतिथि आचार्य अग्रवाल के प्रपौत्र डॉ. प्रियंकर अग्रवाल रहे। इससे पहले 'भक्तिकाव्य, पद्मावत और वासुदेव शरण अग्रवाल' में प्रो. माधव हाड़ा ने पद्मावत की देशज कथाकाव्य परंपरा पर चर्चा की। प्रो. नीरज ख...
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