नई दिल्ली, मार्च 23 -- आचार्य बालकृष्ण के व्यक्तित्व की सुरक्षा से जुड़ा है यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट ने बालकृष्ण से आपत्तिजनक सामग्री की सूची मांगीनई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आचार्य बालकृष्ण से ऑनलाइन सामग्री हटाने संबंधित अपने आग्रह को छोटा करने को कहा। हाईकोर्ट ने कहा कि उनकी याचिका बहुत बड़ी है। इसलिए याचिका पर सुनवाई उसके मौजूदा प्रारूप पर नहीं की जा सकती। अपील पर मंगलवार को फिर सुनवाई होगी।न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि एक सार्वजनिक व्यक्ति (पब्लिक फिगर) को आलोचना, सटायर व कमेंट्री के लिए अपने विचारों को खुला रखना चाहिए। अदालत खास मामलों की जांच किए बिना सामग्री हटाने के लिए एकमुश्त आदेश नहीं दे सकती।बालकृष्ण ने डीपफेक वीडियो व दूसरे गलत डिजिटल कंटेंट के जरिए अपनी तस्वीर व आवाज के गलत...