बलिया, जुलाई 25 -- बलिया। बलिया हिंदी प्रचारिणी सभा के चलता पुस्तकालय सभागार में शनिवार को आचार्य परशुराम चतुर्वेदी जयंती धूमधाम से मनाई गई। शुभारंभ डॉ. अरविंद उपाध्याय के सरस्वती वंदना से हुआ। उपस्थित लोगों ने स्व. चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। डॉ. गणेश कुमार पाठक ने कहा कि स्व. चतुर्वेदी मनुष्यता के प्रतीक थे, जिन्होंने संतों की खोज कर के समाज को संभलने का अवसर प्रदान किया। महर्षि अशोक ने कहा कि वह पेशे से अधिवक्ता थे लेकिन साहित्य की ऊंची पकड़ रखते थे और कर्मठ योगी पुरुष थे। डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि स्व. चतुर्वेदी संत परम्परा को अपनी पुस्तक 'उत्तर भारत की संत परम्परा' में लिख कर समाज को एक अमूल्य खजाना देने का काम किया। इसके बाद काव्य पाठ के जरिए कवियों ने श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अंकिता चतुर्वेदी, शशिलता पाण्...