दरभंगा, दिसम्बर 20 -- दरभंगा। आचार्य किशोर कुणाल पीड़ित मानवता के लिए आजीवन समर्पित रहे। वे संस्कृत व संस्कृति के संवाहक थे। ये बातें आचार्य किशोर कुणाल की पहली पुण्यतिथि पर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के पीजी साहित्य विभाग के वरीय प्राध्यापक व न्यासी सदस्य डॉ. संतोष कुमार पासवान ने कही। डॉ. पासवान ने संस्थापक न्यासी सह न्यास के उपाध्यक्ष प्रो. जयशंकर झा की पहल पर वर्ष 2008 शुरू हुए श्यामा भोग प्रकल्प को आय का मुख्य स्रोत बताया। कला संस्कृति एवं युवा विभाग के राज्य परामर्शदात्री सदस्य उज्ज्वल कुमार ने कहा कि कुणाल साहब के अधूरे सपनों को साकार करने में सायन कुणाल प्राणपण से संलग्न हैं।
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