लोहरदगा, दिसम्बर 7 -- कुड़ू, प्रतिनिधि।संस्कार से हमारे भीतर सकारात्मकता, रचनात्मकता और सदगुण आते हैं। हमारे आचार, विचार और व्यवहार में संस्कार झलकना जरूरी है। उक्त बातें रविवार को लोहरदगा कुड़ू के अविराम कालेज आफ एजुकेशन टीको में प्रवृत्तियों और नवाचार के संदर्भ में भविष्य की शिक्षा विषय पर दो दिवसीय अंतरर्राष्ट्रीय सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उत्तराखंड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी देहरादून के वाइस चांसलर डा अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहीं। उन्होंने वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी पर लोगों की निर्भरता पर कहा कि टेक्नोलॉजी मास्टर नहीं, मास्टर हमारा ब्रेन है। उन्होंने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिक मोबाइल और इंटरनेट का अत्याधिक उपयोग करनेवाले लोगों में नींद की कमी, डिप्रेशन आदि बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। आहार, निद्रा और ब...
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