आचरण को धर्मानुकूल बनाकर करे जीवन यापन
मेरठ, जून 26 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर पर चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में शुक्रवार को नित्य नियम पूजन के साथ भगवान की शांतिधारा व अभिषेक किया गया। विधान में 465 परिवारों ने भाग लेकर पुण्य संचय किया। भगवान की शांतिधारा अन्वय जैन, अन्मय जैन, संजय जैन, अंकित जैन आदि ने की। आचार्य भाव भूषण जी महाराज ने धर्म सभा में प्रवचन करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने आचरण को धर्मानुकूल बनाकर ही जीवन यापन करना चाहिए। धर्म केवल क्रियाओं में नहीं, बल्कि हमारे दैनिक व्यवहार और चरित्र में दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सच्चे धर्मानुरागी भाई-बहन होते हैं, वे हमेशा अपने जीवन को सुख और दुख के अनुसार सहजता से ढाल लेते हैं। जो व्यक्ति अनुकूल और प्रतिकूल दोनों परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखता है, वही वास्तव में जीवन में सच्ची सुख-श...
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