कन्नौज, अप्रैल 9 -- कस्बे के सीएसबी रोड पर आयोजित श्रीरामकथा महोत्सव के अंतिम दिन चित्रकूट धाम से पधारे आचार्य विमलेशाचार्य महाराज ने कहा कि प्रभु हमारे आचरण और उत्तम विचारों में विराजमान होते हैं, यही उनकी सच्ची भक्ति है। उन्होंने भगवान राम के आदर्श चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि राम ने आदर्श राजा, श्रेष्ठ पुत्र, उत्कृष्ट भाई और महान मित्र के रूप में समाज के सामने उच्च मानक स्थापित किए। आचार्य ने कहा कि प्रभु राम का नाम मात्र ही रावण जैसे अत्याचारी का अंत करने में सक्षम है। यदि व्यक्ति अपने मन के रावण अर्थात बुरे विचारों और पापों का नाश कर ले, तो स्वत: ही उसे प्रभु की भक्ति प्राप्त हो जाती है। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने समुद्र पार कर यह संदेश दिया कि अत्याचार का विरोध करना प्रत्येक...