गौरीगंज, फरवरी 27 -- अमेठी। लगभग साल भर पहले आग की लपटों की चपेट में आकर राख हुआ बैसड़ा गांव अब कुंदन बनकर निखर रहा है। आग ने फूस की झोपड़ियां तो जला दी, लेकिन इसके बाद गांव में उम्मीदों का एक नया सवेरा भी हो गया है। पक्का आवास, पेयजल, सड़क, सामुदायिक शौचालय जैसी तमाम योजनाओं से गांव को आच्छादित किया जा रहा है। जहां अग्निकांड के बाद लोगों में एक निराशा फैली हुई थी, वहां सुनहरे भविष्य की आशा का संचार हो चुका है। अमेठी तहसील मुख्यालय से 8 किलोमीटर उत्तर भेटुआ ब्लॉक क्षेत्र में बैसड़ा गांव में पूरे रामदत्त बनवासी टोला बसा हुआ है। पक्की सड़क के किनारे बसे इस गांव में बनवासी समाज से जुड़े परिवार रहते हैं। जो पत्तल दोना बनाकर और मजदूरी करके अपना गुजर बसर करते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से 18 मार्च को इस गांव में आग लग गई और 16 घर जलकर राख हो गए । क...