गाजीपुर, मार्च 30 -- भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के शेरपुर कला गांव में सोमवार की सुबह अचानक आग लगने से पुरुषोत्तम साधु की दो रिहायशी झोंपड़ियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। झोपड़ियों में रखा चौकी, बिस्तर सहित अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब राख हो चुका था। पुरुषोत्तम साधु ने बताया कि उनका पैतृक गांव शेरपुर ही है। परिवार में कोई सदस्य न होने के कारण वह अनुसूचित जाति बस्ती से कुछ दूर झोपड़ी बनाकर अकेले ही रहते थे। वहीं पर वे भोजन बनाना, पूजा-पाठ करना तथा समय-समय पर हवन व भंडारा जैसे धार्मिक कार्य भी करते थे। उनकी दो झोपड़ियां थीं, एक में वह स्वयं रहते थे और दूसरी में हवन व भंडारा आदि का आयोजन किया जाता था। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह लगभग 3 बजे जब ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.