गिरडीह, अप्रैल 23 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। झारखण्ड बिहार की प्राकृतिक धरोहर पारसनाथ पहाड़ आग की लपटों से दहक रहा है। पारसनाथ जंगल में आग फैलने से जंगल की हरियाली जलकर राख हो रही है। पहाड़ की बेशकीमती जड़ी बूटियों से लेकर वन्य प्राणी के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि वनकर्मी द्वारा आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, पर तेज धूप व गर्मी के कारण वनकर्मियों का प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। बताया जाता है कि सम्मेदशिखर पारसनाथ जैन अनुआइयों के साथ-साथ स्थानीय आदिवासियों के लिए आस्था का केंद्र है। एक ओर जहां जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों ने साधना आराधना करते हुए मोक्ष की प्राप्ति की है। यह भी पढ़ें- जंगलों में सुलगती आग जन सहयोग से ही बुझेगी वहीं संथाल आदिवासियों के लिए प्राकृतिक धरोहर मरांग बुरु के रूप में पूजनीय है। संथाल आदिवा...
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