आग उगलती सूरज की तपिश मे जर्जर झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर
बगहा, मई 28 -- बैरिया /श्रीनगर एक संवाददाता ऊपर से आग उगलती सूरज की तपिश।उसपर टूटी झोपड़ी।न बेंच ना डेस्क । बच्चे जमीन पर बोरा और प्लास्टिक पर बैठकर पढ़ने को मजबूर। यह कोई आरोप या कहावत नहीं है। बल्कि यह धरातलीय हकीकत बयां कर रहा है उतरी पटजिरवा पंचायत के मिरचईया प्राथमिक विद्यालय । जहां डेढ़ सौ से अधिक बच्चे आज भी जमीन पर बैठ कर पढ़ने को मजबूर और लाचार है। जबकि सरकार आये दिन शिक्षा के बुनियादी सुविधाओ के लिए नये नये फरमान जारी कर रही है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दे रही है।जबकि ऐसे विद्यालय भी मौजूद है। जहां मूलभूत संसाधनों का आज भी अभाव है।बैरिया प्रखंड के उत्तरी पटजिरवा पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय मिरर्चइया की स्थिति ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर रही है। विद्यालय में नामांकित करीब 160 बच्चे आज भी बुनिय...
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