नई दिल्ली, फरवरी 24 -- जिले में एक हजार शस्त्र लाइसेंस अवैध हैं। पिछले 15 वर्षों से इनका नवीनीकरण ही नहीं हुआ है। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद एनओसी न मिल पाने और कुछ लाइसेंसों के अन्य कारणों से नवीनीकरण नहीं हो पाए। बिना नवीनीकरण के घरों पर शस्त्र लाइसेंस अवैध रूप से रखे हुए हैं। जिले में लगभग 60 हजार शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें एसबीएल, डीबीबीएल, राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल शामिल हैं। पिछले 15 वर्षों में सेना से रिटायर होने के बाद सैन्यकर्मी जिले में अपने घर आ जाता है। उसके बाद उसकी तैनाती वाले पद (रिटायरमेंट) वाले जिले में एनओसी के लिए रिपोर्ट मांगी जाती है, लेकिन वहां से सूचना न मिल पाने के कारण जिले के रिकार्ड में उनके शस्त्र लाइसेंस को दर्ज नहीं किया जा पा रहा है। ऐसे सैकड़ों प्रकरण हैं, जिनमें रिपोर्ट न आ पाने के कारण उनके शस्त्र लाइसे...
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