नई दिल्ली, फरवरी 24 -- अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो कोई न कोई सुराग छोड़ जाता है। महज एक सुराग से पुलिस गांडीव और सुदर्शन एप की मदद से उलझी गुत्थियां सुलझा रही है। एआई आधारित ये इंटेलीजेंस टूल उन लोगों को खोजने में मददगार साबित हो रहे हैं जो पुलिस से बचने के लिए सालों से गायब हैं। पुलिस ने हाल ही में दो मामलों में इन एप की मदद से अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पुलिस को इन मामलों में न तो राह पता थी और न ही मंजिल। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि जब सीसीटीवी, सर्विलांस और मुखबिर फेल हो जाते हैं तब भी पुलिस हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठती। पुलिस के पास गांडीव और सुदर्शन एप हैं। दोनों ही एआई आधारित एप हैं। वर्ष 2016 में अशोक कुमार उर्फ उमाशंकर के खिलाफ लूट के मुकदमे के बाद गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपित अशोक कुमार ने ...
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