बर्लिन, मई 3 -- अमेरिका के रक्षा विभाग ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि वह अगले 6 से 12 महीनों के भीतर जर्मनी से अपने 5,000 सैनिकों को वापस बुला लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला सिर्फ एक सैन्य कटौती नहीं है, बल्कि इसके पीछे अमेरिका-ईरान के बीच चल रहा युद्ध, जर्मन नेतृत्व के साथ सीधा टकराव और यूरोप की सुरक्षा का पूरा गणित उलझा हुआ है। आखिर यह नौबत क्यों आई और इस फैसले का वैश्विक राजनीति पर क्या असर होगा? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।ट्रंप और मर्ज के बीच 'ईरान' पर जुबानी जंग इस पूरी खींचतान के केंद्र में है अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध। अमेरिका चाहता है कि इस युद्ध में यूरोपीय देश (खासकर नाटो सहयोगी) उसका खुलकर साथ दें, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। मर्ज का बयान: विवाद तब भड़का जब जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सार्वजनिक र...