आकिब नबी की कहानी का अहम किरदार है उनका जिगरी यार, उसी की वजह उनका सपना होने वाला है साकार
नई दिल्ली, अगस्त 4 -- जब किशोर उम्र के आकिब नबी को बीसीसीआई के तेज गेंदबाजी शिविर में हिस्सा लेने का मौका मिला, तब वह बायो साइंस विषय के साथ 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इस शिविर में ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा उन्हें तेज गेंदबाजी की बारीकियां सिखाने वाले थे। नबी के पिता गुलाम नबी डार एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे और शिक्षा को सबसे अधिक महत्व देते थे। वह चाहते थे कि उनका बेटा पढ़ाई पर ध्यान दे और क्रिकेट के लिए पढ़ाई बीच में ना छोड़े। आखिरकार डार मान गए। उनका यह फैसला नबी की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। करीब 13 साल बाद दाएं हाथ के तेज गेंदबाज नबी ने इतिहास रचते हुए जम्मू-कश्मीर के पहले ऐसे क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया, जिन्हें भारत की टेस्ट टीम में जगह मिली। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम ...
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