गोरखपुर, अप्रैल 15 -- गोरखपुर, प्रशान्त मिश्रा खगोल प्रेमियों के लिए अप्रैल माह की आगामी रातें खास होने वाली हैं। इस दौरान आकाश में रुचि रखने वालों को दुर्लभ नजारे देखने को मिलेंगे। इस बीच 17 अप्रैल को अमावस्या के दौरान चांद के आकाश में गुम होने से तैरते हुए धूमकेतु का दीदार और भी आसान होगा। रात के अंधेरे में चमकदार धूमकेतु पृथ्वी के पास से गुजरते हुए स्पष्ट दिखाई देगा। यह धूमकेतु करीब 1.7 लाख वर्षों बाद सौरमंडल के आंतरिक भाग में लौटा है, जो इस घटना को और अधिक खास बना रहा है। धूमकेतु के विघटित न होने पर आगामी दिनों में इसे नंगी आंखों से भी देखने की संभवना बन सकती है।वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने बताया कि धूमकेतु कॉमेट सी/2025 आर 3 (पैन-स्टार्स) की खोज 2025 में हुई। लाखों साल बाद इसकी वापसी हो रही है, जिसक...
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