आगरा, मई 22 -- नगर निगम में गुरुवार को हुई सदन बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़े भर्ती घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। महापौर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पार्षदों ने खुलासा किया कि सदन द्वारा सिर्फ 1,000 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके विपरीत, नगर निगम के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से स्वीकृत संख्या से अधिक, यानी कुल 1,500 ठेका सफाई कर्मचारियों की भर्ती कागजों पर कर ली। हैरान करने वाली बात यह है कि धरातल पर किसी भी वार्ड में एक भी नया कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचा है, जिससे सवाल उठ रहा है कि आखिर ये कर्मचारी कहां गायब हैं। इस गंभीर प्रकरण में अब पार्षदों के बाद नगर निगम की कर्मचारी यूनियनें भी मैदान में आ गई हैं। उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के...