वरिष्ठ संवाददाता, अप्रैल 4 -- छाती के गंभीर संक्रमण से जंग जीतकर मौत को मात दे दी। लोहिया संस्थान के आईसीयू में अस्थमा पीड़ित भर्ती कराया गया था। वेंटिलेटर पर 90 दिन से जूझते किशोर को जीवन मिल गया। वैभव आईसीयू-वेंटिलेटर पर जंग लड़कर लौटा है। यूपी के लखनऊ में मिर्जापुर का वैभव जायसवाल (13) जिंदगी और मौत के बीच करीब तीन महीने (90 दिन) तक लोहिया संस्थान के आईसीयू-वेंटिलेटर पर जंग लड़ता रहा। वैभव पहले से ही अस्थमा का मरीज था और छाती के गंभीर संक्रमण से उसके लिए हर एक सांस चुनौती बन गई थी। लेकिन कहते हैं अगर जीने का हौसला हो और डॉक्टरों का समर्पण भी साथ हो, तो मौत को भी मात दी जा सकती है। लोहिया संस्थान के डॉक्टरों की अटूट मेहनत और परिवार की दुआओं ने आखिरकार वैभव को नई जिंदगी दी। यह भी पढ़ें- मंथली पैकेज पर लड़कियां बुलाते; व्हाट्सएप पर डील, स...
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